संघगीत 5 बने हम धर्म के योगी

बने हम धर्म के योगी 
करेंगे ध्यान भारत का 
उठाकर धर्म का झंडा 
करें उत्थान भारत का

 गले में शील की माला
 पहनकर ज्ञान की कफनी
 पकड़कर त्याग का झंडा 
करें उत्थान भारत का 

जलाकर इश्क की होली
 उठाकर कष्ट की झोली 
जमा कर संत की टोली 
करें उत्थान भारत का 

हमारे जन्म का सार्थक 
हमारे मोक्ष का कारण 
हमारे स्वर्ग का साधन 
यही उत्थान भारत का

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके शेर खाजा।।

संघगीत 14 भारत हमारी मा है

पौराणिक विज्ञान