संदेश

सितंबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आदर्श रसोई स्वस्थ परिवार का आधार

वर्तमान समय में रसोई की अव्यवस्थता परिवारों में अनेक बिमारियों का कारण बन रही है। आप अपनी रसोई को आदर्श रसोई के रूप में स्थापित कर निश्चय ही अपने परिवार को अच्छा स्वास्थ्य प्रवान कर सकते हैं। आदर्श रसोई बनाने हेतु अनिवार्य बिन्दू : 1. स्वच्छता * भोजन पकाने से पहले हाथों को अवश्य साफ करें। * सब्जी काटने से पहले पानी में आधा चम्मच हल्दी डालकर धोयें। * बर्तनों एवम् उपकरणों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। * कीटाणु मुक्त रखने एवम् पोषक तत्व बरकरार रखने हेतु ज्यादा समय से कटी हुई सब्जी का प्रयोग न करें। 2. रसोई में प्रयोग करने योग्य बर्तन एवं उपकरण * एल्युमिनियम एवम् नॉनस्टिक का प्रयोग न करें। * एल्युमिनियम बोक्सीएद का बना होता है, ये भोजन में से आयरन व कैल्शियम को सोख लेता है, जिससे हड्डियां कमजोर, मानसिक बीमारी, लिवर और नवेस सिस्टम को हानि पहुँचती है। * एल्युमिनियम के बर्तन में खाना बनाने से भोजन के 87% पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। * एल्युमिनियम की तरह ही नॉनस्टिक बर्तन भी इंसानी शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। *इन हानिकारक बर्तनों के विकल्प के रूप में मिट्टी, स्टील, पीतल, लोहा एवं काँसे के बर...

वक्फ बोर्ड

💥👉हाल ही में पूरा देश एक चौंकाने वाली खबर से जाग उठा कि तमिलनाडु के तिरुचेंदुरई में एक पूरी तरह से हिंदू गांव, जिसमें 1500 साल से भी पुराना हिंदू मंदिर है, को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया है। इससे हिंदू हैरान हैं कि 10वीं सदी में इस भूमि पर आया एक धर्म कैसे उस भूमि और मंदिर पर दावा कर सकता है जो उस धर्म से भी पुराना है! इस अपमान के लिए वक्फ अधिनियम जिम्मेदार है। हम आपका ध्यान वक्फ अधिनियम के क्रूर पहलुओं की ओर आकर्षित करना चाहते हैं - 1. वक्फ एक संपत्ति है जिसे धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए एक ट्रस्ट द्वारा आस्तिक द्वारा दान किया जाता है। वक्फ शब्द के वास्तविक अर्थ के अनुसार, संपत्ति अल्लाह की सेवा में रखी जाती है। इसलिए, संपत्ति और उसका उपयोग इस्लामी कानून के अनुसार नियंत्रित होता है।  2. वक्फ अधिनियम में एक कठोर प्रावधान है जिसके अनुसार वक्फ बोर्ड उस व्यक्ति को सूचित किए बिना किसी भी संपत्ति पर कब्जा कर सकता है जो उस भूमि पर रहता है, जैसा कि तिरुचेंदुरई में हुआ है। पीड़ित व्यक्ति के पास एकमात्र सहारा वक्फ न्यायाधिकरण के पास जाना है।  3. हालांकि, वक्फ अधिनियम में ...

वक्फ बोर्ड

वक्‍फ बोर्ड फिर बेनकाब !  डॉ. मयंक चतुर्वेदी  वक्‍फ बोर्ड बार-बार बेनकाब हो रहा है और इसकी असली मंशा खुलकर सामने आ रही है, फिर भी बेशर्मी इतनी अधिक है कि केंद्र की सरकार इसमें कुछ आमूलचूल परिवर्तन करना चाहती है तो इसका कांग्रेस-इंडी गंठबंधन समेत कई विपक्षी दल तुष्‍टिकरण के लिए सकारात्‍मक सुधारों का विरोध कर रहे हैं। क्‍या किसी भी संपत्‍त‍ि को बिना जांच के वक्‍फ की घोषित कर देनी चाहिए ? कम से कम संविधान तो यह अनुमत‍ि नहीं देता, किंतु वक्‍फ के अपने नियम हैं जो संविधान से भी ऊपर दिखाई देते हैं! तभी तो वह अनेक संपत्‍त‍ियों को हड़पता जा रहा है और अनेकों पर दावा ठोक रहा है। हालांकि कई बार वक्‍फ बोर्ड को कोर्ट से फटकार भी लगी है, उसके दावों को खारिज भी किया गया, जैसा कि अभी हाल ही में मध्‍य प्रदेश में हमने बुरहानपुर और भोपाल मामलों में देखा, फिर भी ये वक्‍फ बोर्ड है कि जमीनों पर कब्‍जा करने का कोई मौका छोड़ता नहीं दिखता । अब बिहार की राजधानी पटना के पास स्थित गोविंदपुर गांव में सुन्नी वक्फ बोर्ड के एक फरमान ने फिर से वक्‍फ की कार्रवाई पर प्रश्‍न खड़े किए हैं।  इस गांव में 90 प्र...

भाषा महत्व

*आज के छात्रों को भी नहीं पता होगा कि भारतीय भाषाओं की वर्णमाला विज्ञान से भरी है। वर्णमाला का प्रत्येक अक्षर तार्किक है और सटीक गणना के साथ क्रमिक रूप से रखा गया है। इस तरह का वैज्ञानिक दृष्टिकोण अन्य विदेशी भाषाओं की वर्णमाला में शामिल नहीं है। जैसे देखे*  *क ख ग घ ड़* - पांच के इस समूह को "कण्ठव्य" *कंठवय* कहा जाता है क्योंकि इस का उच्चारण करते समय कंठ से ध्वनि निकलती है। उच्चारण का प्रयास करें।  *च छ ज झ ञ* - इन पाँचों को "तालव्य" *तालु* कहा जाता है क्योंकि इसका उच्चारण करते समय जीभ तालू महसूस करेगी। उच्चारण का प्रयास करें।  *ट ठ ड ढ ण*  - इन पांचों को "मूर्धन्य" *मुर्धन्य* कहा जाता है क्योंकि इसका उच्चारण करते समय जीभ मुर्धन्य (ऊपर उठी हुई) महसूस करेगी। उच्चारण का प्रयास करें।  *त थ द ध न* - पांच के इस समूह को *दन्तवय* कहा जाता है क्योंकि यह उच्चारण करते समय जीभ दांतों को छूती है। उच्चारण का प्रयास करें।  *प फ ब भ म* - पांच के इस समूह को कहा जाता है *ओष्ठव्य* क्योंकि दोनों होठ इस उच्चारण के लिए मिलते हैं। उच्चारण का प्रयास करें।  दुनिया की किसी भी ...