विजयादशमी उद्बोधन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है ।यह घोषणा बीबीसी लंदन ने किया है। इसका हमें अहंकार नहीं है ,परंतु यह इतना बड़ा संगठन कैसे बना माध्यम क्या थे तंत्र मंत्र क्या थे यह समझना पड़ेगा । प्रतिदिन दैनंदिनी लगने वाली शाखा हमारा तंत्र है, रोज गाए जाने वाली संघ की प्रार्थना हमारा मंत्र है ।शाखा के माध्यम से ही यह विशालकाय संगठन हमारे समक्ष दिखाई पड़ता है ।शाखा यानी 1 घंटे का कार्यक्रम उस 1 घंटे के कार्यक्रम में होने वाले शारीरिक व बौद्धिक कार्यक्रम और उन कार्यक्रमों से मिलने वाले संस्कारों से व्यक्ति का निर्माण यानी संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है । तब जाकर वह व्यक्ति समाज के लिए जीने मरने के लिए खड़ा होता है ।अगर किसी परिवार में एक व्यक्ति संघ का स्वयंसेवक बनता है ।उस पूरे परिवार में संघ के संस्कार पढ़ते हैं और हम देखते भी हैं एक ही परिवार में सभी स्वयंसेवक बनते हैं । और देखते है दादाजी स्वयंसेवक, पिताजी स्वयंसेवक ,नाती भी स्वयंसेवक इतना ही नहीं घर की मातृशक्ति समिति में सेविका होती है । संघ के बाहर के लोगों को बड़ा आश्चर्य लगता है पूरा का पूरा परि...