प्रेरक प्रसंग - विश्वास
विश्वास
यानी विश्व की आस है
1 पपीहे की विश्वास की साल में एक बार ही अपनी प्यास बुझाता है पूरी गर्मी ज्यादा है मेघ आएंगे और प्यास बुझ आएंगे।
2 या विश्वासी है कि सूरजमुखी के अंधा कार के बाद सूर्य का प्रकाश आएगा यह विश्वास ही तो है।
3 यह विश्वास ही तो है कि राम जी ने बालू और बंदरों को लेकर के उस आसुरी शक्ति के साम्राज्य को हराकर जीत लेने की।
4 यह विश्वास ही तो है की मनु 19 का को लेकर के इस सृष्टि को बचाने
इसलिए खुद पर विश्वास रहे तो सब कुछ संभव है आस है तो विश्वास है।
सुंदरता
कोई माता से पूछे तो सुंदरता उसका पुत्र है कोई भक्तों से पूछे तो सुंदरता उसका भगवान है
श्रीराम से पूछे तो उनकी सुंदरता हनुमान टूटी हुई है हनु फूला हुआ मुँह लंबी पूंछ इतने भोले दिखने में वानर उन्हें सीता माता ने मोतियों की माला दी तो उसे तोड़कर उसमें राम जी देखने लगे।
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